गाजीपुर, जनवरी 30 -- भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद । अमरूपुर तरका श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में संत कन्हैया दास महाराज ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ, दान, तप हमेशा करना चाहिए। अपने सामर्थ्य के अनुसार सहयोग व आयोजन करते रहना चाहिए। जिससे भगवत कृपा का सहज लाभ मानव जीवन को मिलता रहे। यज्ञ से वातावरण में शुद्धता के साथ-साथ अपने भीतर के अवगुण भी दूर होते हैं। साथ ही समाज में भाईचारगी एवं सद्भाव का वातावरण का सृजन होता है। इस कलिकाल में भगवान का स्मरण मात्र से जीव के सभी पापों से मुक्ति का एक मात्र आधार ईश्वर की भक्ति ही है। भगवान का नाम स्मरण करने से ही भक्तों को मोक्ष का रास्ता प़शस्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि यज्ञ से मन, शरीर, और बुद्धि जागृत होती है तथा आत्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार होता है।शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य...
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