यज्ञ संस्कारों से जोड़ने का माध्यम: डॉ. तरूण तोमर
बागपत, अगस्त 6 -- बड़ौत। महर्षि दयानंद सरस्वती वैदिक महाविद्यालय में बुधवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ यज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने यज्ञ के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता डॉ. तरूण तोमर ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन का आधार, आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। इस अवसर पर डॉ. मनीष तोमर, डॉ. शस्या तोमर, उदय मुनि, धर्मपाल सिंह त्यागी, रामपाल सिंह, रवि शास्त्री तथा योगाचार्य मुकेश विद्यालंकर सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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