औरंगाबाद, अप्रैल 10 -- मौसम साफ होते ही क्षेत्र में गेहूं की कटनी और हारवेस्टिंग कार्य ने तेजी पकड़ ली है। खेतों में फसल पूरी तरह पककर तैयार है और किसान जल्द से जल्द अनाज सुरक्षित घर लाने में जुटे हैं। मजदूरों की कमी और बढ़ती मजदूरी दर के कारण पारंपरिक तरीके से कटनी लगभग नगण्य हो गई है। किसान मृत्युंजय कुमार सिंह ने बताया कि मजदूर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं और उनसे कटनी कराने में अधिक समय व खर्च लगता है, जिससे नुकसान की आशंका रहती है। ऐसे में हारवेस्टर मशीनों का उपयोग किसानों की मजबूरी बन गया है। हालांकि कुछ किसान पशुओं के लिए चारा जुटाने के उद्देश्य से सीमित स्तर पर मजदूरों से कटनी कराने की योजना बना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिले में इस वर्ष करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है और अधिकांश क्षेत्रों में फसल तैयार है। बी...