मौसम बदलते ही बदल जाएगा लड्डू गोपाल का शृंगार, गुलाब-मोगरे की जगह लगाएं ये इत्र
नई दिल्ली, अगस्त 31 -- हिंदू धर्म में ठाकुर जी की सेवा घर के बच्चे की तरह की जाती है। कई परिवार लड्डू गोपाल को अपने बीच एक सदस्य मानकर रखते हैं। उन्हें स्नान, वस्त्र, भोग और शृंगार उसी भाव से दिया जाता है, जैसे छोटे बालक की देखभाल होती है। मान्यता है कि विधिपूर्वक सेवा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। शृंगार का एक हिस्सा इत्र भी है। गर्मी बीतते ही हवा में नमी आने लगती है और रातें ठंडी पड़ने लगती हैं। ऐसे में वही सुगंध नहीं चलती, जो तपते दिनों में लगाई जाती थी। इसलिए अब ठाकुर जी के इत्र बदलने का समय आ जाता है।गर्मी खत्म होते ही इत्र क्यों बदला जाता है? ठाकुर जी की सेवा सिर्फ वस्त्र और आभूषण तक सीमित नहीं मानी जाती है। इत्र भी शृंगार का हिस्सा है। गर्मी में शरीर और मंदिर का वातावरण गर्म रहता है, इसलिए हल्की और ठंडी सुगंध का ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.