भागलपुर, जून 25 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। जलवायु परिवर्तन के कारण कृषि पर खतरा मंडरा रहा है। जलवायु-अनुकूल किस्मों का काफी महत्व है। आज के समय में पारंपरिक कृषि पद्धतियों पर मौसम की मार सबसे ज्यादा पड़ रही है। ऐसे में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई नई किस्में, जो कम पानी, सूखा और बाढ़ जैसी विपरीत परिस्थितियों को झेलने में सक्षम हैं। यह हमारे किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगा। उक्त बातें बुधवार को बिहार कृषि कॉलेज (बीएसी) सबौर की प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने कही। प्राचार्य बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर के अंतर्गत बीएसी के आनुवंशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग द्वारा एक दिवसीय नव विकसित जलवायु अनुकूल धान की किस्मों की उन्नत उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण सह कृषि इनपुट वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।

जलवायु अनुकूल किस्मों का महत्व मुख्य वक्ता...