बिहारशरीफ, फरवरी 12 -- दलहन की खेती : मौसम छोड़ रहा साथ, नालंदा में सिमट रही है दलहन की खेती थाली से दूर हो रही लोकल दाल, दूसरे राज्यों पर बढ़ी निर्भरता खपत की भरपाई के लिए 30 फीसद दलहन बाहर से मंगाने की मजबूरी दो साल में करीब 584 हेक्टेयर कम कृषि भूमि पर दलहन की खेती अब सरमेरा, कचरा, हरनौत और बिंद के टाल इलाके में भी होने लगी है गेहूं की खेती फोटो खेती : सरदार बिगहा में लहलहाती मसूर की फसल। रामाशीष पटेल, मुसाढ़ी विनोद सिंह, जियचक दिनेश कुमार, मुसाढ़ी प्रमोद कुमार, कमरथु बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। मौसम की बेरुखी और खेती में बढ़ते जोखिम के कारण जिले में दलहन की खेती का दायरा तेजी से सिमट रहा है। हालात यह हैं कि जिले की अपनी खपत पूरी करने के लिए अब 30 फीसदी दाल बाहर से मंगानी पड़ रही है। राहत यह कि मूंग की खपत की भरपाई स्थानीय स्तर पर हो ज...