लखीमपुरखीरी, सितम्बर 20 -- बारिश के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव से अब खेतों में तैयार हो रही धान, मक्का, मूंगफली, अरहर, उर्द, मूंग और गन्ने की फसल में कीट व रोग लग सकते हैं। इनसे बचाव के लिए किसान फसलों की लगातार निगरानी करते रहें। फसलों को रोग व कीटों से बचाव के लिए कृषि रक्षा विभाग ने अलर्ट किया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि धान की फसल दुग्धावस्था में है। दीमक, तनावेधक, पत्ती लपेटक, फुदके व गन्धी कीट लग सकते हैं। दीमक की रोकथाम के लिए क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत ईसी एक लीटर मात्रा प्रति एकड़ सिंचाई के पानी के साथ प्रयोग करें। व्यूवेरिया वैसियाना एक किलोग्राम प्रति एकड़ 15-20 किलो गोबर की सड़ी खाद में मिलाकर एक सप्ताह तक छाया में रखने के बाद खेत में प्रयोग करने से दीमक से बचाव किया जा सकता है।

कीटों से बचाव के उपाय तन...