लखीमपुरखीरी, फरवरी 19 -- मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव से बीमारियों में तेजी से इजाफा हो गया है। सुबह और रात में सर्दी और दोपहर में तेज धूप से शरीर तापमान सही नहीं रख पा रहा है। इससे वायरल फीवर, सर्दी खांसी, गले में खराश और बदन दर्द के मामले तेजी से बढ़े हैं। अचानक तापमान बदलने से बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। ठंडी और सूखी हवा के चलते नाक गले की झिल्ली सूखने से वायरस आसानी से शरीर में दाखिल हो जाते हैं। जिला अस्पताल के फीजीशियन डा. रोहित पाठक ने बताया कि सर्दियों के दौरान हमारी इम्युनिटी अक्सर कम हो जाती है। ठंडी हवा और सूखापन हमारी सांस की नली की नमी को छीन लेते हैं। आमतौर पर, हमारे वायुमार्ग में एक सुरक्षात्मक तरल होता है जो वायरस और बैक्टीरिया को फंसाकर बाहर निकालने में मदद करता है। सर्दियों में, विशेष रूप से हीटर और ब्लोअर के इस्तेमाल से...
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