हाजीपुर, अप्रैल 12 -- हाजीपुर। हि.टी. नकदी फसल के लिए मशहूर वैशाली जिले में वैसे भी किसान धान की खेती सिर्फ काफी कम मात्रा में करते हैं, लेकिन जो किसान करते हैं उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। खेती की लागत में बढ़ोत्तरी और फसल की उचित कीमत नहीं मिलने से किसान बेहाल हैं। पहले जहां धान की खेती से किसान सालभर खाने के बाद कुछ मुनाफा कमा लेते थे, परंतु खाद, बीज, जोताई, निराई, सिंचाई और मजदूरी के बाद मौसम की मार ने किसानों को बेजार कर दिया है। मौसम की अनिश्चितता ने किसानों की सिंचाई की लागत को पहले से बढ़ा दिया है। 2025 में समय पर बारिश नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित हुई थी। फसल मार खाने से किसानों के लिए धान की खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। लालगंज संवाददाता के अनुसार मौसम की अनिश्चितता और महंगाई के कारण धानकी खेती घाटे का सौदा ...