खगडि़या, अप्रैल 16 -- खगड़िया। नगर संवाददात मौसम की मार का भेंट इस बार तेलहन का फसल भ्ीा चढ़ा है। बताया जा रहा है कि जिले में तेलहन में मुख्य रूप से सरसों की खेती जिले में होती है। इस बार रबी की बोआई देर से होने के कारण सरसों का उत्पादन भी काफी प्रभावित हुआ है। प्रभावित इतना ज्यादा हुआ कि खेती में लगाए गए लागत भी मुश्किल से किसानों का निकल पाया। हालांकि जिले में आंशिक खेती सुर्यमुखी की भी की जाती है। बताया जा रहा है कि जिले में महज 3445 हेक्टेयर में खेती होती है। वहीं महज 31 हेक्टेयर में सुर्यमुखी की खेती की जाती है।दलहन यह भी पढ़ें- टेढ़ागाछ में तेलहन की खेती ना के बराबर की खेती के नाम पर सिर्फ मुंग में किसानों को है दिलचस्पी : जिले में दलहन की खेती भी काफी कम मात्रा में होती है। हालांकि दलहन की खेती के नाम पर सिर्फ मूंग की खेती की जाती है।...