वाराणसी, मई 30 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। चलती ट्रेन में अपनी बर्थ पर सो रहे यात्री शुक्रवार को तड़के अचानक हड़बड़ाकर उठ गए। बादलों की तेज आवाज से उनकी नींद टूट गई। देखा कि ट्रेन की गति मंद हो चली थी। बारिश की बौछार से बचने के लिए यात्रियों से खिड़की-दरवाजे बंद कर लिये। उन्हें गर्मी से राहत जरूर मिली लेकिन मौसम के मिजाज से एकबारगी वे सिहर भी उठे।शिवगंगा, मरुधर, बुंदेलखंड, विभूति एक्सप्रेस आदि ट्रेनों के यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने के बाद राहत की सांस ली। रास्ते में मौसम बिगड़ने के बाद लोको पायलटों ने ट्रेन संचालन में काफी सावधानी बरती। मौसम का असर रहा कि समयबद्ध चल रहीं ट्रेनें रास्ते में घंटों लेट हो गईं। यह भी पढ़ें- रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरा, 17 घंटे ट्रेन लेट इनमें सूरत-थावे ताप्ती गंगा 9.30 घंटे, डॉ. अम्बेडकर नगर-कामाख्या एक्सप्रे...