भागलपुर, अप्रैल 12 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। जिले में आज की तारीख में करीब 52 से 54 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हो रही है। ये आंकड़े देखने में भले ही आकर्षक लगते हो, लेकिन किसानों के लिए धान की खेती न तो कायदे और न ही फायदे का सौदा साबित हो रहा है। धान की खेती करने वाले किसान कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ से जूझ रहे हैं। अगर भगवान भरोसे खेतों में धान की फसल लहलहा गई तो फिर उन्हें धान बेचकर रुपये पाने में पसीने छूट जाते हैं। आलम ये है कि मौसम, आपदा व कृषि विभाग के सिस्टम के आगे किसानों को धान की खेती महंगी पड़ रही है।कहलगांव: एक क्विंटल पर आठ किलो अधिक धान ले रहे, लेकिन भुगतान मिलने में लग रहा एक माहकहलगांव प्रखंड क्षेत्र में लगभग 3800 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। यहां के किसानों की मुख्य आजीविका है। यहां पर धान की खेती पूरी तरह से मौसम ...