कौशाम्बी, जुलाई 6 -- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चायल में एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकार व हक और पॉश एक्ट विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान विधिक जानकारी देते हुए लोगों को जागरूक किया गया। एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकार विषय पर बात रखते हुए डॉ. नरेंद्र दिवाकर ने कहा कि किसी व्यक्ति पर एसिड अटैक (तेजाब हमला) या किसी अन्य इसी तरह के ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग करके हमला करना, उसके शारिरिक अंगों को विकृत करना, यातना देना या जान से मारना उस व्यक्ति के गरिमापूर्ण जीवन, समानता के नैसर्गिक और मौलिक अधिकारों का सबसे क्रूर हनन है। यह इंसान को जीवनभर शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पीड़ा के गहरे अंधेरे में धकेल देता है। देश में एसिड अटैक पीड़ितों को कानून के तहत न्याय, सरकारी और निजी अ...