अमरोहा, मार्च 10 -- सैदनगली, संवाददाता। कस्बे में 19 रमजान की सुबह बाद नमाज-ए-फज्र महल वाली मस्जिद के पास फात्मा हॉस्पिटल से दामाद-ए-मुस्तफा, शेरे खुदा, मौला-ए-कायनात, पहले इमाम हजरत अली अलैहिस्सलाम की यौमे जर्बत के सिलसिले से शबीहे ताबूत बरामद हुआ। ताबूत तयशुदा रास्तों से होता हुआ पीर जी इमामबारगाह पहुंचा। हिन्दू समाज के लोग भी जुलूस में शामिल रहे।इसके पहले महल वाली मस्जिद के पास फात्मा हॉस्पिटल में मजलिस हुई, जिसमे मर्सियाखुवानी डॉ.लईक हैदर बाकरी व उनके साथियों ने की। मजलिस को मुजफ्फरनगर से तशरीफ लाए मौलाना हसन रजा साहब ने खिताब करते हुए कहा कि कायनात में रसूले खुदा के बाद जो फजीलत व मर्तबा मौला अली का है, वो किसी का नहीं। हजरत अली को अल्लाह ने पूरी कायनात का मौला मुश्किल-कुशा बनाया। सारे नबियों ने अपनी परेशानी के वक्त मदद के लिए हजरत अ...
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