नई दिल्ली, जून 26 -- जिंदगी के सफर में कुछ मोड़ ऐसे आते हैं, जो इंसान को पूरी तरह बदल देते हैं। IPS बनने जा रहे आयुष स्वामी के लिए भी एक ऐसा ही पल था जिसने उनकी जिंदगी को दो हिस्सों में बांट दिया। पहला हिस्सा मध्य प्रदेश के पिपरिया और पचमढ़ी के करीब स्थित बांदखेड़ी के एक छोटे से कस्बे का वह जिज्ञासु लड़का, और दूसरा हिस्सा वह लड़का जो अस्पताल के बिस्तर से उठकर आया और उसे लगा कि उसे फिर से एक नई जिंदगी मिली है। सुनने में ये कहानी काफी फिल्मी लग रही है मगर ये सच है। आज आयुष स्वामी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 461 हासिल कर एक मिसाल कायम की है। आइए जानते हैं आयुष ने कठिनाइयों को पार कर कैसे यूपीएससी में परचम लहराया।सरकारी टीचर के बेटे बड़े सपने आयुष एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता सरकारी प्राइमरी स्कूल म...