अररिया, जून 29 -- भरगामा (ए.सं.)। पूर्णिया से संजय का शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। घटना कि सूचना मिलते ही तोनहा समेत आसपास के गांव के सैकड़ो लोग मृतक के घर पहुंचने लगे। बेटे के दुनिया में नहीं रहने की सूचना से मृतक की मां शांति देवी बेसुध हो गई। जहा गांव कि महिला उसे संभालने में जुटी रही। उसके चीत्कार से लोगो कि आंखे बरबस ही नम हो जा रही थी। हमने किसी का क्या बिगाड़ा कि हमे यह सजा मिली कहकर मृतक कि मां बेसुध हो जा रही थी। वही मृतक की बड़ी बहन भी अपने भाई को याद कर फफक फफक कर रो रही थी। यह भी पढ़ें- मौत की खबर मिलते ही संजय की मां हुई बेसुध संजय चार भाई और चार बहन था। संजय के पिता शिवानंद मेहता को मानो सांप सूंघ गया हो। इसे कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि ये क्या हो गया। गांव वाले बताते है कि संजय बहुत ही मेहनती युवक था। खेती के सीजन में ...