मौत, धमकियां और गालियां: पाकिस्तान में महिला टिकटॉकर्स की जान इतनी सस्ती क्यों है?
नई दिल्ली, अगस्त 19 -- क्या पाकिस्तान में महिलाओं का सोशल मीडिया पर होना उनकी जान का दुश्मन बन गया है? यह सवाल एक बार फिर गूंज रहा है, और वजह है 28 साल की मशहूर टिकटॉक क्रिएटर शमसो बीबी की सरेआम हत्या, जिन्हें इंटरनेट पर 'आयशा गिलामना' के नाम से जाना जाता था। 14 अगस्त को हुई इस वारदात ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान में महिला इन्फ्लुएंसर्स के लिए हालात कितने खौफनाक हो चुके हैं।दिनदहाड़े सड़क पर कत्ल आयशा गिलामना टिकटॉक पर काफी लोकप्रिय थीं। करीब तीन-चार सालों की मेहनत से उन्होंने 13 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बनाए थे। यूट्यूब पर भी उनके लाखों सब्सक्राइबर थे। 14 अगस्त की उस मनहूस शाम को काशिफ नाम के एक शख्स ने उन्हें फोन कर घर से बाहर बुलाया। आयशा अपनी 15 साल की बहन असीमा और भाई नेमतुल्लाह के साथ कार से निकलीं। तक्षशिला शहर में एक पेट्रोल पंप...
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