सुल्तानपुर, जून 18 -- बल्दीराय संवाददाता। मोहर्रम की दूसरी तारीख को इसौली में पांचवीं मजलिस का आयोजन किया गया। इस मजलिस को बड़ा गांव अयोध्या के मौलाना अदील हसन साहब ने खिताब किया। मौलाना अदील हसन ने बताया कि हम अजादारी क्यों करते है। उसके बाद उन्होने अपने बयान में जनाबे फातेमा इमाम हसन की एक नायाब घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक बार जनाबे फातेमा ने अपने बड़े बेटे इमाम हसन अली से कहा, बेटा जाओ, मस्जिद में रसूले खुदा तुम्हारे नाना खुतबा दे रहे हैं। इमाम हसन मस्जिद गए खुतबा सुना और वापस लौट आए।घर पहुंचने पर जनाबे फातेमा ने पूछा कि बाबा ने क्या बयान किया। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन का जिक्र और मजलिसों का मकसद इस्लाम की सही तस्वीर पेश करना : रिज्वी इमाम हसन ने खुतबे को हूबहू अपनी मां को सुनाया। जब मौला अली घर आए तो जनाबे फातेमा ने कहा कि...