मधुबनी, जुलाई 7 -- मधुबनी ,एक संवाददाता। मोहर्रम के मौके पर शहर से गांव तक शहादत के उस लम्हे को याद किया गया जब कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों ने सत्य और इंसाफ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। शंकर चौक, कोतवाली चौक, राम चौक, रांटी, लहरियागंज, सप्ता, सहुआ , खुजरी ,खर्राह, भौआड़ा, दरगाह चौक बसुआरा ,बड़ा बाजार, और मस्जिद से सटे इलाकों में युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने पारंपरिक लाठी, तलवार और अन्य औजारों के साथ तरकश (तरकब) पेश कर अपने जज़्बातों को जाहिर किया। लाउडस्पीकर से कर्बला की शहादत से जुड़े गीत बजते रहे, जिनकी आवाज़ सुनकर लोग भावुक भी हुए और उनमें जोश भी देखने को मिला। यह मातम श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण बना रहा। शहर के कई चौराहों पर स्थानीय लोगों द्वारा बिरयानी, शरबत, हलुआ, पूड़ी सहित अन्य व्यंजनों का भी नि:...
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