सीतापुर, जून 16 -- सीतापुर, संवाददाता। मोहर्रम माह का चांद दिखने के बाद जुलूस और मजलिसों का दौर शुरू हो गया। मंगलवार की देर शाम मजलिस की शुरुआत मेहंदी रज़ा साहब की मरसिया-ख्वानी से हुई। मरसिया के बाद अलम-ए-बरामदगी हुई। अलम के साथ जनाब सादिक रज़ा आगा व नज़ीर मुक़बिल साहब ने ग़मज़दा नौहे पढ़े। जुलूस के दौरान "या हुसैन, या हुसैन" की सदाएं बुलंद होती रहीं। जुलूस अपने तय रास्तों कज़ियारा, शेख सराय मोहल्ले से होते हुए इमाम बारगाह कलां में समाप्त हुआ। जुलूस में महिलायें और बच्चे भी नंगे पैर साथ साथ चले। अजादारों ने काले कपड़े पहने हुए थे। यह भी पढ़ें- रस्म-ए-पगड़ी कार्यक्रम 27 को यह भी पढ़ें- चांद दिखते ही सज गए अजाखाने, बिछ गई फर्श-ए-अजा यह भी पढ़ें- मोहर्रम जुलूस को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

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