मोहम्मद रफी ने जब एक शब्द को 17 बार गाकर रच दिया था इतिहास, ऐसा चमत्कार देख गीतकार के उड़ गए थे होश
नई दिल्ली, मई 14 -- मोहम्मद रफी एक ऐसे सिंगर थे जिनपर हर संगीतकार और गीतकार आंख बंद करके भरोसा करते थे। उनकी आवाज जितना सबका दिल छूती है, उतना ही उनका जो नेचर था वो भी सबको काफी पसंद था। रफी साहब हमेशा कोशिश करते थे कि वह संगीतकार और गीतकार पर कभी कोई मुश्किल नहीं आने देते थे। अब आपको एक ऐसे किस्से के बारे में बताते हैं जब रफी साहब ने एक शब्द को 17 बार गाकर इतिहास रच दिया था।जब शायर साहिर के लिरिक्स से छूट गए संगीतकार रवि के पसीने जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो है काजल फिल्म का जुल्फ अगर खुलकर बिखर जाए गाना। मशहूर शायर साहिर लुधियानवी ने इस गाने लिए एक नज्म लिखी। जब ये बोल संगीतकार रवि के हाथों में गए तो उनके पसीने छूट गए। दरअसल, साहिर ने इस गजल में 17 बार लाइनों को एक शब्द में खत्म किया था और वो शब्द था अच्छा। यह भी पढ़ें- देव आनंद के ...
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