नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- हिंदी फिल्मों में कई यादगार गीत गाने वाले मोहम्मद रफी देशभर में खूब पसंद किया जाता था। उन्होंने 1950 के दशक से लेकर 1980 तक मोहम्मद रफी हिंदी फिल्मों में छाए रहे। वो उस समय के हर दौर के हीरो की आवाज बने। लेकिन सिर्फ 55 साल की उम्र में दुनिया छोड़ गए। उनके अंतिम दिन का हाल बेटे शाहिद रफी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था। मोहम्मद रफी ने हॉस्पिटल के बिस्तर पर पत्नी बिलकिस से आखिरी बातचीत की थी। उसके बाद वो ऐसी नींद में सोए कि फिर कभी नहीं उठे। मोहम्मद रफी का दुनिया से जाना दुखद था। लेकिन उनके परिवार के लिए सदमा बना गया।रफी साहब की जिंदगी का वो आखिरी दिन बात 31 जुलाई की सुबह की है। उस दिन मोहम्मद रफी अपने बंगले पर एक बंगाली भजन की रिहर्सल कर रहे थे। म्यूजिक डायरेक्टर आए हुए थे। गाने की फाइनल रिहर्सल हुई और डायरेक्टर्स ख...