लखनऊ, जुलाई 14 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता शहीदाने कर्बला की याद में मजलिसों मातम का सिलसिला जारी है। मेहंदी घाट पीपे वाला पुल पर मजलिस को मौलाना हसन जहीर ने खिताब किया। मौलाना ने कहा कि मोहम्मद और आले मोहम्मद से मोहब्बत करना दुनिया की सबसे बड़ी इबादत है। मजलिस के बाद अंजुमन गुलदस्ते हैदरी ने नौहाख्वानी की। रौजाए काजमैन में मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि मजलिसों में हम मसाएब से पहले फजायल-ए-अहलेबैत कर्बला से पहले गदीर बयान करते हैं। मौलाना ने हजरत अली की फजीलत बयान करते हुए कहा कि अली वो शख्सियत हैं जो खाना-ए-काबा में पैदा हुए। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन को मौला अली की अदावत में कत्ल किया गया। मजलिस के बाद अंजुमन मेराजुल इस्लाम ने नौहाख्वानी की। इमामबाड़ा कसरे हुसैनी बिल्लौचपुरा में मजलिसे अजा व शब्बेदारी ...
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