बागेश्वर, जनवरी 16 -- उत्तरायणी मेले में गंगा स्नान के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बयार बह रही है। गुरुवार रात रंगमंच पर लोक गायिका दीक्षा ढौंडियाल, रमेश बाबू गोस्वामी व अनिल रावत ने अपना जलवा बिखेरा। दीक्षा ने जैसे ही मोहना ढाई तोले नथुली गड़े दे गीत शुरू किया तो कलाकारों के साथ दर्शक भी थिरकने लगे। उन्होंने लोगों की फरमाइश भी पूरी की। मुख्य अतिथि दर्जा मंत्री भूपेश उपाध्याय ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में मेलों की भूमिका अहम है। नुमाइशखेत मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उपाध्याय ने कहा कि मेले लोक कलाकारों को जन्म देते हैं। बागेश्वर के उत्तरायणी मेले की पहचान पूरे देश में है। आज दिल्ली से लखनऊ तक यह मेला मनाया जाता है। इसके बाद मंच लोक कलाकारों ने संभाला। दीक्षा ने मेरो रूप जस चांद चकोरा, सब कनी मैके बाज बिजुरा, ठुमक, ठुमक जब हिटछ...
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