लखनऊ, नवम्बर 18 -- पहले बिक चुके प्लॉट को फर्जी कागजात बनाकर बेचने के आरोपी विनोद कुमार उपाध्याय की जमानत अर्जी को एडीजे एकता सिंह ने खारिज कर दिया। अभियोजन की ओर से बताया गया कि मामले की रिपोर्ट वादी राजकुमार ने मोहनलालगंज थाने में दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया है कि आरोपी विनोद कुमार उपाध्याय और उसके भाई प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कान्हा उपवन की ब्राउजर पुस्तिका और साईट का ले आउट प्लान दिखाकर बताया कि वह लोग प्लॉटिंग कर रहे है। वादी ने आरोपियों पर विश्वास करके दो हज़ार वर्गफुट का प्लॉट लेने की सहमति दे दी। आरोपियों की कंपनी को कुल 25 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। भुगतान हो जाने के बाद आरोपियों ने 13 अक्तूबर 2021 को ज़मीन का बैनामा वादी के पक्ष में कर दिया। प्लाट का बैनामा हो जाने के बाद वादी ने उस ज़मीन की बाउंड्री करवा दी। इसके बाद एक जून 20...
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