नई दिल्ली, फरवरी 28 -- भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का मसौदा तैयार हो गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के लागू होते ही दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) का दर्जा प्रदान करेंगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि दोनों पक्ष विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के प्रति बाध्य होंगे और वैश्विक नियमों से इतर कोई भी नया आयात-निर्यात प्रतिबंध नहीं लगा पाएंगे। लगभग दो दशकों की कठिन वार्ताओं के बाद संपन्न हुए इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा समृद्धि के लिए एक नया ब्लूप्रिंट करार दिया है। वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे दो अरब लोगों का मुक्त व्यापार क्षेत्र बताया है, जो दुनिया की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूती प्रदान करेगा।टैरिफ में भारी कटौती: किसे...