बिजनौर, जून 22 -- धामपुर रोड स्थित गांव मोरना का पशु चिकित्सालय वर्षों से बदहाली का शिकार है। क्षेत्र के पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 1980 में निर्मित यह अस्पताल आज स्वयं जर्जर हालत में पहुंच गया है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं, खिड़कियां टूट चुकी हैं और छत भी क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि यह पशु चिकित्सालय गांव मोरना के अतिरिक्त सोलान शेख, अलादीनपुर, पोटी, दरियापुर, जलालपुर, अथाई अहीर समेत आसपास के दर्जनों गांवों के पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। यह भी पढ़ें- गोनावां अस्पताल की मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया प्रस्ताव लेकिन भवन की बदहाल स्थिति के कारण यहां पशुओं के उपचार की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।...