सराईकेला, मार्च 20 -- खरसावां। मोमिनों के लिए रमजानुल शरीफ का महीना खास मायने रखता है। अल्लाह मोमिनों के बंदों पर रहमत की बरसात कर उनके रिज्क में बरकत अता फरमाते हैं। अच्छे आमाल के बदले अल्लाह के ये इनामात रोजे के अलावा ईद उल फितर तक प्रदान की जाती है। आसमान में फरिश्ते ईद की रात और दिन का इस्तकबाल करते है। रोजेदारों के लिए अल्लाह ने कई इनाम रखे हैं। रमजानुल शरीफ के महीने में गुनाहों की मग्फिरत तो होती ही है। इस लिहाज से हलाल की कमाई में विश्वास रखने वाले मोमिनों के लिए यह महीना खास मायने रखता है। जिस रात ईद का चांद देखा जाता है उस रात को लैलातुल जयाजा की रात कहते हैं। लोग इस रात में भी इबादत करते हैं। अल्लाह जल्ले शानुहू इस रात को पूरे रमजान के रोजे और तरावीह के बदले बन्दों को इनाम स्वरूप प्रदान करते हैं। हजरत जिबरिल अलैहिसल्लाम, जो अल्ल...