लखनऊ, जून 3 -- मोबाइल पर थिरकती अंगुलियां और दो पहिया स्कूटी ने बच्चो के हाथों से साइकिल छीन ली है। मोहल्लों की गलियों, पार्कों और कॉलोनियों की सड़कों पर बच्चों की साइकिलों की घंटियां अब नहीं सुनाई देती। मोबाइल फोन और स्कूटी ने बच्चों की जिंदगी में ऐसी जगह बना ली है कि साइकिल का आकर्षण लगातार कम होता जा रहा है। साइकिलिंग से जुड़े लोगों के अनुसार किशारों में साइकिल को लेकर उत्साह नहीं है। आलम यह है कि पहले यह साइकिल बच्चो के लिए बचपन से ही एक्सरसाइज का काम करती थी। अब साइकिल से बढ़ती दूरी से कम उम्र के बच्चो का वजन तेजी से बढ़ जाता है। यह भी पढ़ें- स्वस्थ्य रहने को युवा कार से जिम जाकर चला रहे साइकिल डॉ. मो. इमरान ने बताया कि साइकिलिंग से कार्डियों को खासी राहत मिलती है। लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार साइकिलिंग जरूर करनी चाहिये। उन्होंने ब...