सीतापुर, सितम्बर 10 -- सीतापुर, संवाददाता। एचआईवी की जांच कराने में झिझक या अपनी पहचान सामने आने की चिंता अब जानकारी हासिल करने की राह में बाधा नहीं बनेगी। इसके लिए एचआईवी से जुड़े सेल्फ रिस्क असेसमेंट की डिजिटल सुविधा शुरू की गई है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति सेल्फ रिस्क असेसमेंट पोर्टल मोबाइल पर अपलोड सवालों के जवाब देकर स्वयं अपने जोखिम का शुरुआती आंकलन कर सकता है। जोखिम सामने आने पर पर व्यक्ति की काउंसलिंग और जांच होगी। नाको एवं उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायती ने एचआईवी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से भी जोड़ा है। एचआईवी कार्यक्रम में जोखिम आंकलन के लिए निर्धारित प्रश्नों का इस्तेमाल किया जाता है। जोखिम के आंकलन के बाद जरूरत के अनुसार काउंसलिंग और जांच की सलाह दी जाती है। एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र (आईसीटीसी) एचआईवी की काउंसलिंग...