संतकबीरनगर, अगस्त 14 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में मोबाइल फोन का लगातार और अनियंत्रित इस्तेमाल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। खासकर बच्चे घंटों मोबाइल पर गेम, वीडियो और सोशल मीडिया में व्यस्त रह रहे हैं। इससे उनकी पढ़ाई और एकाग्रता प्रभावित होने के साथ ही नींद, शारीरिक गतिविधियों और व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक स्क्रीन समय बच्चों में नींद की गुणवत्ता, शारीरिक सक्रियता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर प्रतिकूल असर डाल सकता है。

रोने पर मोबाइल देना पड़ रहा भारी डा. आलोक विश्वकर्मा कहते है कि कई घरों में बच्चे के रोने या खाना नहीं खाने पर उसे मोबाइल थमा दिया जाता है। धीरे-धीरे यही आदत बच्चों में मोबाइल के प्रति निर्भरता बढ़ा देती है। मोबाइल नहीं मिलने प...