बिहारशरीफ, मई 27 -- मोटे अनाजों की ओर लौटना पर्यावरण और सेहत दोनों के लिए जरूरी : प्रो. श्रीवास्तव ​आधुनिक उपभोगवादी संस्कृति ने भोजन को बनाया बाजार की वस्तु प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ रहा लागातार दबाव, बिगड़ रहा संतुलन ​विश्व पर्यावरण दिवस पूर्व-अभियान के तहत जुटे देश-विदेश के शोधार्थी और शिक्षक ​नव नालंदा महाविहार में खाद्य संस्कृति के बदलते स्वरूप और पर्यावरण पर व्याख्यान में बोले शिक्षाविद फोटो : 27 नालंदा 02 : नव नालंदा महाविहार में बुधवार को खाद्य संस्कृति के बदलते स्वरूप और पर्यावरण से ले खाद्य संस्कृति और पर्यावरणीय संकट पर व्याख्यान देते मुख्य वक्ता सह डीन प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव परिचय दास व अन्य। नालंदा, निज संवाददाता। विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व-अभियान के तहत नव नालंदा महाविहार में बुधवार को आधुनिक युग में परिवर्तित होती खाद...