अमरोहा, जुलाई 31 -- कामकाजी अभिभावकों के बच्चे बढ़ते स्क्रीन टाइम, शारीरिक गतिविधियों में कमी, ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, स्नैक्स, शुगर ड्रिंक और फास्ट फूड लेने से मोटापे के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पांच से 17 साल के मोटापाग्रस्त बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों की टाइप-2 डायबिटीज, हाई कॉलेस्ट्रॉल, हाइपरटेंशन, दिल संबंधी और जोड़ों व हड्डियों का दर्द जैसी समस्याएं लेकर आ रहे हैं। बदलती जीवनशैली में रोजमर्रा की भागदौड़, तनाव, अनियमित दिनचर्या और खराब खानपान के चलते बच्चे भी मोटापे के शिकार हो रहे हैं। इसके बाद बच्चों में डायबिटीज, कैंसर और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.अवनीश कुमार ने बताया कि शरीर में अत्यधिक और असंतुलित रूप से वसा का जमाव मोटापा है। कामकाजी अभिभावक बच्चों ...