मेरठ, मई 30 -- श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के दसवें दिन मुख्य मंदिर में सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान का अभिषेक किया तत्पश्चात् सभी श्रद्धालु श्रीजी की प्रतिमा को लेकर त्रिमूर्ति जिनालय मे पहुंचे जहां प्रतिमा को पांडुक शिला पर विराजमान किया गया और प्रतिमा के सम्मुख विधान की मांगलिक क्रियाएं प्रारंभ की गई। श्रीजी की शांतिधारा जयमाला जैन, संदीप जैन, शशांक जैन, सम्कित जैन, पवित्र जैन द्वारा की गई। आचार्य भाव भूषण महाराज ने धर्म सभा में कहा कि सभी के यदि हमें वास्तव में मोक्ष मार्ग का पथिक बनना है तो कथनी और करनी एक करके त्याग और धर्म का मार्ग अपनाना ही पड़ेगा। यह भी पढ़ें- मोक्ष के लिए धर्म का मार्ग अपनाना ही पड़ेगा: भाव भूषण महाराज उसके लिए क्रमशः प्रथमानुयोग, करुणानुयोग, चरणानुयोग और द्रव्यानुयोग...