भभुआ, दिसम्बर 17 -- पेज चार की खबर मोंथा चक्रवात ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा हेतु पोर्टल पर भरने वाले आवेदन के लिए वेबसाइट नही खुला अति महत्वाकांक्षी योजना "जल जीवन हरियाली अभियान केवल कागजों पर चली चांद, एक संवाददाता। हाल ही में आए मोंथा चक्रवात ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। धान की फसल जो कटकर खलिहान में आ रहे हैं,उससे लागत भी निकलना मुश्किल दिख रहा है।औसत छह क्विंटल प्रति बिगहा जाने वाले खेती इस बार 3 क्विंटल प्रति बिगहा की दर से धान उपज हो रही है। साथ ही रबी फसल की बुआई में खेत के गीला रहने से हो रही देरी से किसान और अधिक मायूस दिख रहे हैं। प्रखण्ड के चांद, पिपरिया,पाढ़ी,बहदुरा,एकौनी,कुढनू,भेरी,सलौजा,बघैला यानि प्रखंड मुख्यालय के नजदीक वाले किसानों में ओमप्रकाश सिंह, सत्य सागर सिंह, महेंद्र सिंह कुशवाहा, तेज...
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