रिषिकेष, अक्टूबर 26 -- मॉरीशस गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन सोमवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे। यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में गंगा आरती और तुलसी पूजन किया। उन्होंने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता, आध्यात्मिक संबंधों और साझा परंपराओं की गहरी जड़ें हैं। रूपन ने मॉरीशस की सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां घर के मुख्य द्वार के बाहर तुलसी का पौधा लगाने और उसके समीप दीप प्रज्वलित करने की परंपरा आज भी प्रचलित है। यह इस बात का प्रमाण है कि भौगोलिक दूरियां बढ़ने के बावजूद आस्था, सांस्कृतिक स्मृतियां और पारिवारिक संस्कार पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत रह सकते हैं। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भारत और मॉरीशस का संबंध केवल दो देशों की मैत्री तक सीमित नहीं है...