सीवान, मार्च 20 -- मैरवा, एक संवाददाता। रामजानकी मंदिर में रामकथा के पहले दिन पंडित कंचन किशोरी जी ने कहा कि राम कथा केवल एक कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। पहले दिन श्रोताओं को नाम-जप की शक्ति से जोड़ते हुए कहा कि राम नाम की महिमा कलयुग में समस्त दुखों का नाश करने वाली है। जो हमारे रोम-रोम में रम जाए, वही राम है।राम नाम के दो अक्षर रा और म की व्याख्या करते हुए कहा कि रा का अर्थ है प्रकाश और म का अर्थ है मर्यादा या मन। युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राम कथा हमें बेटा, पति और राजा बनने का आदर्श सिखाती है। यदि घर में रामायण होगी तो वृद्धाश्रमों की जरूरत नहीं पड़ेगी।जैसे शरीर को भोजन चाहिए वैसे ही आत्मा को राम नाम चाहिए।आज के तनावपूर्ण जीवन में राम कथा मनोरंजन नहीं बल्कि औषधि बताया। कंचन किशोरी जी ने शिव जी के विश्वास की व्याख्या क...