मुरादाबाद, मार्च 28 -- Moradabad News: 2011 में हुए मैनाठेर कांड मामले में कोर्ट ने 16 आरोपियों को उम्रकैद की सजा तो जरूर सुनाई है, लेकिन इस घटना को याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं। मैनाठेर कांड में भीड़ के हमले में तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह खून से लथपथ हो गए थे, जिन्हें मुरादाबाद के साईं अस्पताल तक पहुंचाने में तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइंस एसकेएस प्रताप, तत्कालीन एसआई पवन व वर्तमान इंस्पेक्टर बहेड़ी, बरेली और तत्कालीन सीओ हसनपुर के द्वारा अहम भूमिका निभाई गई थी। वह लंबे समय तक एसटीएफ में रहे। हिंदुस्तान ने एसएसकेएस प्रताप से बात की तो वह भावुक हो गए। करीब पांच मिनट तक चुप बने रहे। बोले, जब जिले के कप्तान के साथ इस प्रकार की घटना हो जाती है तो पुलिस का मनोबल टूट जाता है। तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार काफी विश्वास करते थे। कंट्रोल रूम...