मैं द्वार खोलकर बैठा हूं... पर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
प्रयागराज, मई 31 -- इलाहाबाद संग्रहालय में सप्ताहान्त धरोहर के अंतर्गत होने वाली संगीत संध्या में रविवार को जया पांडेय ने अपनी प्रस्तुति की। उन्होंने राग यमन पर आधारित गणेश वंदना जय गणनायक से संध्या का शुभारंभ किया। फिर राग किरवानी में भजन 'मन भाया रे सांवरिया मोहनी मूरत सावरि सूरत हृदय बीच समाया' की प्रस्तुति से समा बांधा तो राग भैरवी में परमेश्वर का आह्वान करते हुए 'तुम आ जाना भगवान, मैं द्वार खोलकर बैठा हूं' की प्रस्तुति पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। गायिका ने गोदिया से उतरे धरे पांव भुइयां ठुमुक चलें रामचंद्र बाजे पैजनिया की प्रस्तुति से श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। डॉ. सोनिका तिवारी ने कलाकारों का स्वागत किया। संचालन डॉ. सुशील कुमार का रहा।
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