फरीदाबाद, जनवरी 31 -- फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में इस बार पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पाद भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। दिल्ली के बुराड़ी इलाके से पहली बार मेले में मखाने की स्टॉल लेकर पहुंचे दिव्यांशु और आरती खास चर्चा में हैं। दो साल पहले छोटे स्तर पर शुरू किया गया उनका यह प्रयास अब पहचान बना रहा है। मेले में स्टॉल नंबर 514 पर दुकान सजाए दिव्यांशु ने बताया कि वे उनके परिवार के अधिकांश सदस्य सरकारी नौकरी में है।वह कई सालों से प्राइवेट नौकरी कर रहे थे। बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बनने से एक्सपोर्ट बढ़ रहा है। साथ ही इसे देशी उत्पाद के रूप में नई पहचान मिल रही है। इसे देखते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ परिवार के साथ मखाने का कारोबार शुरू किया।कारोबार से करीब 50 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.