प्रयागराज, मार्च 17 -- प्रयागराज। रानी मंडी स्थित आवास पर वर्ष 1970 के दशक से शुरू हुई स्नेह और आत्मीयता की स्मृति सोमवार को साहित्यकार प्रो. अनीता गोपेश के जेहन में तब उमड़ने घुमड़ने लगी, जब उन्हें पता चला कि उनकी बड़ी बहन ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। बातचीत में उन्होंने सबसे पहले यही कहा कि यह सम्मान पूरे इलाहाबाद का है। फिर उन्होंने पारिवारिक संबंधों के शुरुआती दौर के बारे में बातें की। अनीता गोपेश ने बताया, पिता गोपेश के जाने के बाद बड़ी बहन जैसी ममता कालिया का संरक्षण मिला। जब महिला सेवा सदन डिग्री कॉलेज में वे प्राचार्या थीं, तब मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शोध छात्रा थी। मैं अक्सर कॉलेज स्कूटी लेकर पहुंच जाती थी। हम दोनों स्कूटी पर बैठकर कभी किला घाट तो कभी रसूलाबाद गंगा किनारे बैठते थे। चाय पीते ह...