कानपुर, मई 29 -- कानपुर, संवाददाता। असम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा आई) के लिए कथित फंडिंग के आरोप में पकड़े गए सुभान अहमद के घर बकरीद वाले दिन भी मातम पसरा रहा। उसके परिजनों का कहना है कि उनका बेटा बेगुनाह है। उसने किसी को कोई फंडिंग नहीं की है, उसे बेवजह फंसाया जा रहा है। मूलगंज निवासी अनीस अहमद कपड़ों में कढ़ाई का काम करते हैं। परिवार में पत्नी, पांच बेटे और दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि बेटे सुभान ने डीएवी कॉलेज से बीकॉम किया था। तीन साल से वह उन्नाव में नूरआलम की फैक्ट्री में सुपरवाइजर का काम कर रहा था। यह भी पढ़ें- असम क्राइम ब्रांच ने सहारनपुर के नूर को उन्नाव से धरा, उल्फा-आई फंडिंग का आरोप फैक्ट्री में जानवरों के अवशेषों का काम होता है, जो उसे पसंद नहीं था। बावजूद इसके अपनी पत्नी व दो बच्...