नई दिल्ली, जनवरी 14 -- न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने अपने आधिकारिक आवास से कथित तौर पर बरामद बेहिसाब नकदी की जांच कर रही संसदीय समिति के समक्ष अपना जवाब दाखिल किया। अपने जवाब में उन्होंने घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उन्होंने समिति से कहा कि जब आग लगी तब वह आवास पर नहीं थे और परिसर से कोई कैश बरामद नहीं हुआ था। अपने रुख को दोहराते हुए जस्टिस वर्मा ने कहा कि कथित घटना में उनकी 'बिल्कुल कोई भूमिका नहीं' थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले व्यक्ति नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले पहुंचे थे, वे घटनास्थल को ठीक से सुरक्षित करने में विफल रहे। समिति के समक्ष अपने जवाब में जस्टिस वर्मा ने सवाल उठाया कि उन पर महाभियोग क्यो चलाया जाना चाहिए, जबकि उनके अनुसार घटनास्थल पर मौजूद अधिकार...