नई दिल्ली, जनवरी 25 -- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी BCB इन दिनों अपने इतिहास के सबसे बड़े संकटों में से एक का सामना कर रहा है। आईसीसी द्वारा आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने के फैसले ने बोर्ड की साख पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बड़ी विफलता और जनता के आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए बोर्ड ने एक बार फिर 'शाकिब कार्ड' का सहारा लिया है। बोर्ड की ओर से अब बार-बार यह बयान दिया जा रहा है कि वे शाकिब अल हसन को राष्ट्रीय टीम में वापस देखना चाहते हैं, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल हेडलाइंस मैनेजमेंट और अपनी जवाबदेही से बचने के लिए उठाया गया एक नपा-तुला कदम है। हाल ही में शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में लगभग आठ घंटे तक चली लंबी बोर्ड बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस 40 मिनट की ...