फतेहपुर, मार्च 28 -- फतेहपुर। आधुनिकता के दौर में स्मार्सिबल और पंप के जमाने में तालाब, पोखर विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए है। इनके अस्तित्व को बचाने के लिए शासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। सौ तालाबों को कचरा मुक्त बनाने को प्रथम चरण में 13 चिह्नित हो चुके है। विभाग द्वारा तालाबों की स्वच्छता के लिए गावो में बैठकों के माध्यम से जागरूक करते हुए तालाबों को जीवनदान देने को प्रेरित किया जा रहा है। दोआबा के 13 ब्लाक के 816 गावो में हजारों की तादाद में तालाब गंदगी और सूखे की दास्तां बया करते है। पानी से सराबोर राहगीर पशुओं की आश थे तो वर्तमान में जलकुंभी और गंदगी के अलावा नाले नालियों के बदबूदार पानी से बीमारियों का कारण बनते जा रहे है। नतीजन तालाबों में कब्जा से अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा है। शासन की ओर से शुरू कवायद से जीवनदान देने ...