मेरठ, सितम्बर 27 -- यदि विकसित भारत बनना है तो आज की युवा पीढ़ी, जिसे हम जेन-जी कहते हैं, उस पर अधिक ध्यान देना पड़ेगा। वो जैसी होगी, वैसा भारत होगा। जेन-जी की अनदेखी ठीक नहीं। भारत आज प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, लेकिन मनुष्य निर्माणकारी और मूल्य आधारित शिक्षा की दिशा में हमें बहुत कुछ करने की जरूरत है। आज चरित्र का संकट है, अंतरआत्मा का संकट है, विश्वसनीयता का संकट भी है। इन समस्याओं का समाधान शिक्षा से करते हुए आगे जाने की आवश्यकता है। सीसीएसयू और शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (पश्चिमी उप्र) के संयुक्त तत्वाधान में दो दिवसीय ज्ञानसभा मेरठ-2026 के उद्घाटन सत्र में विकसित भारत हेतु शिक्षा का स्वरूप विषय पर उक्त बात आरएसएस के सह-सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहीं।

विकसित भारत की आवश्यकता उन्होंने कहा कि किसी भी देश को आगे बढ़ाने क...