मेरठ, अप्रैल 16 -- किसानों की पसंदीदा फसल में शुमार गन्ना अब उद्योगों की झोली भी भरेगा। गन्ने की प्रोसेसिंग के बाद निकली खोई से अब बेहद आसान तरीके से लैक्टिक अम्ल बन सकेगा। चौ. चरण सिंह विवि के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. आरके सोनी और डॉ. मनीषा भारद्वाज ने गन्ने की खोई से लैक्टिल अम्ल बनाने की सरल एवं प्रभावी प्रक्रिया विकसित की है। लैक्टिक अम्ल की इस विधि को पेटेंट मिल गया है। विवि जल्द ही इस विधि के इंडस्ट्री ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। लैक्टिक अम्ल बेहद महत्वपूर्ण रसायन है और इसका उपयोग खाद्य, औषधि, सौंदर्य प्रसाधन और जैव अपघटनीय प्लास्टिक (पीएलए) निर्माण में होता है। त्वचा की देखभाल के लिए तैयार होने वाले उत्पादों में लैक्टिक अम्ल सर्वाधिक प्रयुक्त होता है। यानी गन्ने की खोई से मिला लैक्टिक अम्ल चेहरे की झुर्रिय...
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