मेरठ, अप्रैल 8 -- हस्तिनापुर सेंचुरी में बाघ की दहाड़ नहीं, तेंदुओं की गुर्राहट सुनाई देती है। यहां तेंदुओं की मौजूदगी है और वह जंगल से आबादी तक पहुंच रहे हैं। जिम कार्बेट पार्क से सटे बिजनौर जिले के अमानगढ़ तक और कभी-कभी शिवालिक सहारनपुर के जंगल तक टाइगर की मौजूदगी मिलती है। मेरठ मंडल के विभिन्न जिलों में तेंदुओं की संख्या 40 से अधिक मानी जाती है। हालांकि कुछ तेंदुए जंगल-खेतों से होते हुए आबादी तक भी पहुंच जा रहे हैं। मेरठ, हापुड़, बागपत और मुजफ्फरनगर जिलों में तो आए दिन तेंदुए कहीं न कहीं दिखाई दे जाते हैं। बिजनौर में 300 से अधिक तेंदुए हैं। बिजनौर में हाथियों के झुंड भी खूब दिखाई देते हैं। हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र के साथ किठौर, परीक्षितगढ़ इलाकों में अक्सर तेंदुए दिखाई दे जाते हैं। जिले में तेंदुओं की संख्या दस के आसपास मानी जा रही ह...