मेरठ, अप्रैल 12 -- सेंट्रल मार्केट में तीन दिनों से व्यापारियों, उनके परिजनों की आंखों से बहते आंसु रूक नहीं रहे हैं। पूरे इलाके में व्यापारी खुद ही अपने व्यवसायिक भवनों पर हथौड़ा चलवा रहे हैं। जैसे ही हथौड़ों की चोट भवन पर पड़ती है तो दहल नीचे जमीन तक महसूस होती है। व्यापारी इसे सीधे अपने दिल पर महसूस करता है। हालत यह है कि बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी जार-जार रो रहे हैं। रोते-बिलखते बच्चों, महिलाओं को देखकर हर किसी के रौंगटे खड़े हो जाते हैं। शरीर में सिहरन-कंपकंपी छूटने लगती है। लोग अपनी आंखों में आंसुओं को नहीं रोक पाते और खुद भी भावुक हो जाते हैं। शनिवार को सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर सेक्टर दो में महिलाएं और मासूम बच्चियां धरने पर बैठी थीं। इन सबकी आंखों में आंसू थे। मासूम बच्चियों से लेकर परिवार के भविष्य को लेकर चिंता में डूबी महिल...