मेरठ, जून 30 -- चर्चित और औषधीय गुणों से भरपूर माने जाने वाले लहसुन (एलियम सटाइवम) और प्याज (एलियम सीपा) के साथ दो अन्य एलियम प्रजातियां किसानों को नई दिशा दे सकती हैं। एलियम हुकेरी और एलियम एम्पीलोप्रासम की इन दोनों प्रजातियों में अधिक जैव सक्रिय यौगिक मिले हैं। ये दोनों ही प्रजाति दुर्लभ हैं। सीसीएसयू कैंपस में प्रो.विजय मलिक के निर्देशन में शोधार्थी दीप्ति तेवतिया ने यह दावा किया है। शोधार्थी के अनुसार ये पौधे मानव स्वास्थ्य के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं और भविष्य में प्राकृतिक औषधीय खेती के विकास में नई राह खोल सकते हैं। दीप्ति के अनुसार एलियम दुनिया को महत्वपूर्ण औषधीय एवं खाद्य पौधों का वंश है जिसमें लगभग 1079 प्रजातियां शामिल हैं। इनमें से 40 प्रजाति भारत में मिलती हैं। भारत में ये प्रजातियां अधिकांशत: हिमा...